अमर उजाला
Wed, 15 May 2024
फोन की बैटरी बदलना चाहते हैं तो नई बैटरी लेने से पहले उसकी पैकेजिंग पर ध्यान दें।
असली बैटरियों पर कंपनी का लोगो और दूसरे स्पेसिफिकेशन लिखे होते हैं।
अगर बैटरियों पर कंपनी का लोगो लगा है, लेकिन वह साफ या ठीक नहीं लग रहा है तो बैटरी नकली होने की आशंका ज्यादा है।
अगर बैटरी असली है तो उसका भार नकली बैटरी के मुकाबले ज्यादा रहता है।
कभी भी अनजान सोर्स से बैटरी न खरीदें। हमेशा आधिकारिक स्टोर या कंपनी की वेबसाइट से ही फोन की बैटरी खरीदें।
असली बैटरी चार्ज होने के बाद देर तक चलती है, वहीं नकली बैटरी चार्ज तो फुल हो जाती है, लेकिन जल्दी डिस्चार्ज भी हो जाती है।
असली बैटरियों का बैकअप समय लंबा होता है यानी ये लंबे समय तक चलती हैं।
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