अमर उजाला
Tue, 3 December 2024
क्या आपने सोचा है कि आखिर गूगल मैप्स को रास्तों के बारे में जानकारी या डेटा मिलता कहां से है?
डाटा के लिए गूगल सैटेलाइट इमेजरी, गूगल स्ट्रीट व्यू कार और यूजर्स द्वारा दी गई जानकारी पर निर्भर है।
इसके अलावा सरकार और संस्थानों द्वारा दिए गए नक्शे भी गूगल मैप्स की मदद करते हैं।
गूगल को रीयल-टाइम डेटा मोबाइल यूजर्स की लोकेशन मिलती है। यूजर्स की लोकेशन के आधार पर ही यह जाम के बारे में जानकारी देता है।
दरअसल फोन में लगे सेंसर और स्पीडोमीटर की मदद से गूगल मैप्स ट्रैफिक जाम दिखाता है।
यदि लोकेशन धीरे-धीरे बदल रही है तो वह थोड़ी जाम दिखाता है और यदि कई सारे लोगों की लोकेशन नहीं बदलती है तो यह जाम दिखाता है।
गूगल के पास सैटेलाइट्स से प्राप्त हाई-रिजॉल्यूशन इमेजरी का एक बड़ा डेटाबेस है। यह सड़कों, भूभाग, और स्थानों का विस्तृत नक्शा तैयार करता है।
गूगल की स्ट्रीट व्यू कारें सड़कों और स्थानों की 360-डिग्री तस्वीरें और डेटा एकत्र करती हैं।
इन कारों में लगे सेंसर और कैमरे सड़क की चौड़ाई, ट्रैफिक सिग्नल, और सड़क के नाम जैसी जानकारी कैप्चर करते हैं।
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