अमर उजाला
Sun, 15 January 2023
नीलम खेस भारतीय हॉकी टीम के अहम डिफेंडर में से एक हैं
नीलम ने सात साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया था, वह स्कूल से आकर खेतों में अपने माता-पिता की मदद करते थे
नीलम के गांव में बिजली भी 2017 में आई, वह लंबे समय तक बिजली के बिना ही रहते थे
नीलम के घर में गरीबी इतनी थी कि लालटेन खरीदने के भी पैसे नहीं थे, रात के समय डिबरी के जरिए उजाला होता था
नीलम इस समय चाहते थे कि उनकी अच्छी पढ़ाई हो जाए और वह अच्छी नौकरी हासिल कर पाए
नीलम अपने परिवार को गरीबी से बाहर ले जाना चाहते थे, हॉकी ने इसमें उनकी मदद की है
नीलम को बाद में एहसास हुआ कि हॉकी के जरिए भी वह पैसा कमा सकते हैं और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा
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