अमर उजाला
Mon, 10 March 2025
उनके विचार व्यक्ति को जीवन सुधारने और उसका संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं
वहीं जीवन के सत्य को लेकर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि भगवान, ही मनुष्य और जीवन का सबसे बड़ा सत्य है
उन्हें जान लेना यानी परम सत्य को जान लेना है
उनका मानना है कि भगवान को जानने के बाद जीवन में कुछ भी जानना शेष नहीं है
सफलता पाने के लिए गीता में लिखी इन तीन बातों का रखें ध्यान