अमर उजाला
Mon, 20 January 2025
प्रयागराज में लगा महाकुंभ मेला धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्व रखता है
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार कुंभ मेले का ये समय अत्यंत ही शुभ है
सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार 144 वर्ष बाद सौरमंडल में कुछ विशिष्ट घटनाएं होने से महाकुंभ मेले का आयोजन होता है
ऐसी मान्यता है कि प्राचीन गुरुओं और योगियों पृथ्वी पर कुछ ऐसे पवित्र स्थान निर्धारित किए थे जहां पर कुंभ जैसे पुण्य अनुष्ठान हो सके
सद्गुरु के अनुसार गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम की महत्ता का वर्णन रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी मिलता है
प्रयागराज के संगम पर लगने वाला कुंभ मेला स्वर्ग के देवी-देवताओं को भी आकर्षित करता है
सद्गुरु के अनुसार यदि आप कुंभ मेले में जाते हैं तो आपको असल भारतीय संस्कृति और सभ्यता के दर्शन होते हैं।
संगम के पावन जल में स्नान करने मात्र से ही मनुष्य पाप और पुण्य के बंधनों से मुक्त हो जाता है
कुंभ स्नान से उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है
सफलता हासिल करने के लिए चाणक्य की इन बातों का सदैव रखें ध्यान