अमर उजाला
Sun, 6 October 2024
भगवान कृष्ण के उपदेशों को सुनकर ही अर्जुन अपने लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर हुए
गीता उपदेश को "कर्मयोग का शास्त्र" माना जाता है, इसका अध्ययन करने से जीवन जीने की सही दिशा का ज्ञान होता है
गीता के अनुसार जीवन जीने के लिए मनुष्य को क्रोध करने से बचना चाहिए, क्योंकि "क्रोध एक विनाशकारी शक्ति है"
इसके चलते इंसान की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है, और कई बड़ी गलतियां भी हो सकती हैं
कृष्ण जी के अनुसार मनुष्य को क्रोध पर नियंत्रण और मन को शांत रखना चाहिए, इससे जीवन में सफलता अवश्य मिलती है
चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग हमेशा रहते हैं खुश