गीता में श्रीकृष्ण ने कहा कि व्यक्ति को फल की इच्छा को छोड़कर कर्म पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसको उसके कर्म के अनुरूप फल मिलता है
Image Credit : iStock
स्वयं का करें आकलन
गीता के अनुसार व्यक्ति को खुद से बेहतर और कोई नहीं जान सकता है, इसलिए खुद का आकलन करना बेहद जरूरी होता है
Image Credit : iStock
क्रोध पर काबू रखें
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने बताया है कि खुद पर कभी भी क्रोध को हावी नहीं होने देना चाहिए, अगर गुस्सा आता भी है तो उस दौरान खुद को शांत रखने का प्रयास करें
Image Credit : iStock
स्पष्ट नजरिया रखें
गीता के मुताबिक व्यक्ति को संदेह या संशय की स्थिति में कभी नहीं रहना चाहिए, क्योंकि जो लोग संशय की स्थिति में रहते हैं, उनका कभी भला नहीं होता है
Image Credit : iStock
मन पर नियंत्रण रखें
श्रीकृष्ण कहते हैं कि हमारा मन ही हमारे दुखों का असली कारण होता है, जो व्यक्ति अपने मन पर काबू पा लेता है वह मन में उठने वाली बेकार की चिंताओं को दूर कर सकता है
Image Credit : iStock
बनना चाहते हैं बेहतरीन लीडर तो ध्यान रखें ये बातें