अमर उजाला
Sat, 16 September 2023
स्नान करना या नहाना मनुष्य के दैनिक व नित्य क्रियाओं में शामिल है
गरुड़ पुराण में सही समय पर स्नान न करने वाले, प्रतिदिन स्नान न करने वाले या कभी-कभी स्नान करने वालों के बारे में बताया गया है
जो लोग बिना स्नान किए धार्मिक कार्यों को करते हैं, उन्हें गरुड़ पुराण में पापी कहा गया है
ऐसे लोगों को पूजा-पाठ या व्रत आदि का कोई फल नहीं मिलता
ऐसे लोग जो प्रतिदिन स्नान नहीं करते या कभी-कभी ही स्नान करते हैं उन्हें किसी भी काम में सफलता नहीं मिलती है
प्रात:काल स्नान करने से पापकर्म करने वाले मनुष्य भी पवित्र हो जाते हैं, इसलिए व्यक्ति को सुबह के समय ही स्नान करना चाहिए
गरुड़ पुराण में अलक्ष्मी, कालकर्णी, क्लेश-द्वेष त्रुटि आदि को अनिष्ट कार्य शक्तियां कहा गया है, जोकि कार्य में अड़चन डालती हैं
इन लोगों के घर भूलकर भी नहीं करना चाहिए भोजन