अमर उजाला
Sun, 19 February 2023
अगर मनुष्य के पास आत्मबल है, तो वो समस्त संसार पर अपने हौसले से विजय पताका लहरा सकता है।
एक छोटा कदम छोटे लक्ष्य पर, बाद मे विशाल लक्ष्य भी हासिल करा देता है।
जब हौसले बुलंद हो, तो पहाड़ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है।
शत्रु को कमजोर न समझो, तो अत्यधिक बलिष्ठ समझ कर डरना भी नहीं चाहिए।
जब लक्ष्य जीत की हो, तो हासिल करने के लिए कितना भी परिश्रम, कोई भी मूल्य , क्यो न हो उसे चुकाना ही पड़ता है।
जो मनुष्य समय के कालचक्र में भी पूरी शिद्दत से, अपने कार्यो में लगा रहता है। उसके लिए समय खुद बदल जाता है।
संत कबीरदास बेहतरीन दोहे