अमर उजाला
Fri, 4 October 2024
आचार्य चाणक्य सबसे बुद्धिमान और प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माने जाते हैं
उनके द्वारा रचित नीति शास्त्र में उन्होंने ऐसे लोगों के बारे में भी बताया है जो हमेशा खुश रहते हैं
इस श्लोक में मिलता है वर्णन
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात्तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता।।
श्लोक का अर्थ- व्यक्ति को वाणी के उपयोग में कंजूसी नहीं करनी चाहिए, अर्थात, उसे उदार होकर हमेशा मधुर बोलना चाहिए
इस लोगों के आस-पास रहने वाले लोग भी सकारात्मक होने लगते हैं और उनके व्यवहार व वाणी में भी परिवर्तन आता है
मीठी वाणी बोलने वाले व्यक्ति को सभी लोग पसंद करते हैं और ऐसे लोग हमेशा खुश रहते हैं
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