अमर उजाला
Sun, 22 September 2024
चाणक्य नीती के इस श्लोक से ज्ञात होता है कि जीवन में संगति की अहम भूमिका होती है
इसका अर्थ है कि जैसे मछली अपने बच्चों को देखकर और मादा पक्षी स्पर्श से अपने बच्चों का लालन-पालन करते हैं
ठीक वैसे ही सज्जनों की संगति भी दर्शन, ध्यान और स्पर्श द्वारा संसर्ग में आए व्यक्ति का पालन करती है
सज्जनों की संगति से व्यक्ति के आत्मबल में वृद्धि होती है, और संकल्प दृढ़ होता है
यही नहीं उस व्यक्ति की सफलता, उन्नति और विकास सहज हो जाता है
थोड़े समय में ही आपको अमीर बना सकती हैं चाणक्य की ये तीन बातें