जानें भगवान गणेश को क्यों नहीं चढ़ाई जाती तुलसी

अमर उजाला

Thu, 21 September 2023

Image Credit : iStock
पौराणिक कथा के अनुसार एक बार गणेशजी गंगा नदी के किनारे तपस्या कर रहे थे, इसी दौरान धर्मात्मज की कन्या तुलसी विवाह की इच्छा लेकर तीर्थ यात्रा पर निकलीं
Image Credit : iStock
देवी तुलसी सभी तीर्थस्थलों का भ्रमण करते हुए गंगा के तट पर पहुंचीं, गंगा तट पर देवी तुलसी ने देखा कि युवा गणेशजी तपस्या में लीन थे
Image Credit : iStock
देवी तुलसी श्रीगणेश के इस सुंदर स्वरूप पर मोहित हो गईं, उनके मन में गणेश से विवाह करने की इच्छा जाग्रत हुई और उंन्होंने विवाह की इच्छा से गणेश जी का ध्यान भंग कर दिया
Image Credit : iStock
तब भगवान श्री गणेश ने तुलसी द्वारा तप भंग करने को अशुभ बताया और तुलसी की मंशा जानकर स्वयं को ब्रह्मचारी बताकर उसके विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया
Image Credit : iStock
विवाह प्रस्ताव ठुकराने पर तुलसीजी ने नाराज होकर गणेशजी को शाप दिया कि उनके एक नहीं बल्कि दो-दो विवाह होंगे, इस पर श्री गणेश ने भी तुलसी को शाप दे दिया कि तुम्हारा विवाह एक असुर से होगा
Image Credit : iStock

एक राक्षस की पत्नी होने का शाप सुनकर तुलसी ने गणेशजी से माफी मांगी, तब गणेशजी ने तुलसी से कहा कि तुम्हारा विवाह शंखचूर्ण राक्षस से होगा

Image Credit : iStock

लेकिन तुम भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को प्रिय होने के साथ ही कलयुग में जगत के लिए जीवन और मोक्ष देने वाली होगी

Image Credit : iStock

पर मेरी पूजा में तुलसी चढ़ाना शुभ नहीं माना जाएगा, तब से ही भगवान श्री गणेश जी की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है

Image Credit : iStock

गणेश विसर्जन के दौरान ध्यान रखें ये बातें

iStock
Read Now