अमर उजाला
Fri, 25 April 2025
सिंधु नदी का भारतीय संस्कृति और धार्मिक जीवन में अत्यंत गहरा स्थान है
यह केवल एक जलधारा नहीं है, बल्कि भारत की प्राचीनता, उसकी सभ्यता और उसकी आत्मा का प्रतीक है
ऋग्वेद, जो विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात धार्मिक ग्रंथों में से एक है, उसमें सिंधु नदी का बार-बार गुणगान किया गया है
इसे वैदिक ग्रंथों में श्रद्धा से देखा गया है, और माना गया है कि इसका जल शुद्धिकारी है
यह तीर्थ की तरह पूज्य भी मानी जाती थी
यह भी मान्यता है कि सिंधु नदी के तट पर बैठकर कई सारे वेद और पुराणों की रचना हुई है
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