कैसी होती है अपने समाज को छोड़ने वाले की स्थिति जो व्यक्ति अपने समाज को छोड़कर दूसरे समाज में जा मिलता है, वह उसी राजा की तरह नष्ट हो जाता है जो अधर्म के मार्ग पर चलता है... उदारता, वचनों में मधुरता, साहस, आचरण में विवेक ये बातें कोई पा नहीं सकता, ये मूल में होनी चाहिए. हाथी का शरीर कितना विशाल है लेकिन एक छोटे से अंकुश से नियंत्रित हो जाता है. जो घर गृहस्थी के काम में लगा रहता है वह कभी ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता. मांस खाने वाले के ह्रदय में दया नहीं हो सकती लोभी व्यक्ति कभी सत्य भाषण नहीं कर सकता और एक शिकारी में कभी शुद्धता नहीं हो सकती web