चाणक्य कहते हैं कि वह व्यक्ति क्यों पूर्णता नहीं हासिल करेगा जो पश्चाताप में जो मन की अवस्था होती है, उसी अवस्था को काम करते वक़्त बनाए रखेगा.
Image Credit : amarujala
हमें अभिमान नहीं होना चाहिए जब हम ये बातें करते हैं..परोपकार, आत्म संयम, पराक्रम, शास्त्र का ज्ञान हासिल करना, विनम्रता, नीतिमत्ता
Image Credit : istock
यह करते वक़्त अभिमान करने की इसलिए जरुरत नहीं क्योंकि दुनिया बहुत कम दिखाई देने वाले दुर्लभ रत्नों से भरी पड़ी है.
Image Credit : amarujala
वह जो हमारे मन में रहता, हमारे निकट है. हो सकता है कि वास्तव में वह हमसे बहुत दूर हो. लेकिन वह व्यक्ति जो हमारे निकट है लेकिन हमारे मन में नहीं है वह हमसे बहुत दूर है.
Image Credit : amarujala
यदि हम किसी से कुछ पाना चाहते हैं, तो उससे ऐसे शब्द बोले जिससे वह प्रसन्न हो जाए. उसी प्रकार जैसे एक शिकारी मधुर गीत गाता है जब वह हिरन पर बाण चलाना चाहता है.
Image Credit : amarujala
जो व्यक्ति राजा से, अग्नि से, धर्म गुरु से और स्त्री से बहुत परिचय बढ़ाता है वह विनाश को प्राप्त होता है.
Image Credit : istock
रास्ते में मिल जाएं ये 5 चीजें तो शुभ होती है यात्रा