अमर उजाला
Wed, 29 November 2023
पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास (अगहन) के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ दिन पर माता सीता और भगवान राम का विवाह मिथिलांचल में संपन्न हुआ था
फिर भी विवाह के लिए इस दिन को अशुभ माना जाता है, आइए जानते हैं आखिर इसका कारण क्या है?
कहा जाता है कि इस दिन यदि ग्रह- नक्षत्रों की स्थिति ठीक हो और शुभ मुहूर्त भी हों तब भी विवाह नहीं कराना चाहिए, क्योंकि हिंदू शादी-विवाह के लिए विवाह पंचमी के दिन को अशुभ माना जाता है
दरअसल ऐसी मान्यता है कि, इस तिथि में भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था लेकिन रामजी और माता सीता का वैवाहिक जीवन बहुत ही कष्टपूर्ण रहा
विवाह के बाद भगवान राम और सीता जी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, विवाह के बाद राम जी और माता सीता ने 14 वर्ष वनवास में बिताए
इतना ही नहीं भगवान राम ने गर्भवती सीता जी का परित्याग भी कर दिया था और सीताजी ने दोनों पुत्र लव और कुश को एक आश्रम में जन्म दिया
महामृत्युंजय मंत्र रोज पढ़ने से होते हैं ये 5 बड़े फायदे