अमर उजाला
Fri, 18 October 2024
सरगी के साथ करवा चौथ की शुरुआत हो जाती है, व्रती महिलाएं सूर्योदय से पूर्व स्नान करने बाद सरगी करती है और फिर व्रत का संकल्प लेती है
वास्तु शास्त्र के अनुसार सरगी करने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सर्वोत्तम है इस दिशा से व्रत सफल होता है
वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा करते समय दिशा का ध्यान रखना जरूरी है
करवा चौथ की पूजा कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करके न करें प्रार्थना करते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व की ओर करें
वास्तु शास्त्र के अनुसार जब आप करवा चौथ की व्रत कथा पढ़ें या सुनें तो आपका मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए
चंद्रोदय के बाद उत्तर पश्चिम दिशा में चंद्रमा को अर्घ्य दें
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