अमर उजाला
Mon, 13 February 2023
कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता सीता पृथ्वी पर प्रकट हुई थीं
इस तिथि को जानकी जंयती या सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है
आइए जानते हैं सीता अष्टमी का महत्व, पूजा विधि और मुहूर्त के बारे में
इसके बाद माता सीता को सिंदूर, अक्षत, फूल, फल आदि समेत सुहाग का सामान अर्पित करें
माता सीता का लाल या पीले रंग की चीजें अर्पित करें
इसके बाद माता देवी सीता की आरती उतारें
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