अमर उजाला
Sat, 4 October 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है
शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है
शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-आराधना का महत्व होता है। मान्यता है इस मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं
शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा होती है।
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत समान होती हैं। ये किरणें मन को शांति देती हैं और शरीर को ताजगी और ऊर्जा से भर देती हैं
खीर में चंद्रमा की अमृत किरणें पड़ने से वह विशेष स्वास्थ्यवर्धक और सौभाग्यवर्धक बन जाती है।
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