अमर उजाला
Sat, 8 October 2022
09 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है
भगवान श्री कृष्ण की सभी लीलाओं को रास कहा जाता है
लेकिन शरद पूर्णिमा की रात यमुना किनारे स्थित बंसी वट में जो कान्हा ने पूरी रात नृत्य किया उसे महारास कहा जाता है
चंद्रमा भी उसे देखने में इतने मग्न हो गए कि अपनी गति को स्थिर कर दिया और कई महीनों तक सुबह ही नहीं हुई
कहते हैं कृष्ण ने इसे ब्रह्मा की रात जितना लंबा कर दिया था पुराणों के अनुसार ब्रह्मा की रात मनुष्यों की करोड़ों रात के समान मानी गई है
शरद पूर्णिमा की रात क्यों बनाई जाती है खीर