क्या है भगवान भोलेनाथ के त्रिनेत्र का रहस्य?

अमर उजाला

Tue, 14 February 2023

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पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव ने हिमालय पर्वत पर एक सभा का आयोजन किया था, सभा में सभी देवताओं, ऋषि-मुनियों और ज्ञानी लोगों को बुलाया गया

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इसी दौरान माता पार्वती वहां पहुंचीं और शिवजी की आंखों पर अपने दोनों हाथ रख दिए, जिससे सृष्टि में अंधेरा छा गया

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सूर्य का प्रभाव समाप्त हो गया और धरती पर हाहाकार मच गया, भगवान शिव से यह दृश्य देखा नहीं गया और उन्होंने अपने माथे पर ज्योतिपुंज प्रकट किया जिससे सृष्टि में वापस रोशनी लौट आई

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इस ज्योतिपुंज को ही शिवजी की तीसरी आंख कहा गया

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वहीं जब पार्वती ने शिवजी से तीसरी का आंख रहस्य पूछा, तब शिवजी ने बताया कि उनकी आंखें जगत की पालनहार हैं, यदि वो ज्योतिपुंज प्रकट नहीं करते तो सृष्टि का विनाश हो जाता
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इस प्रकार से शिवजी को तीसरी आंख प्राप्त हुई, शिवजी अपनी तीसरी आंख बंद रखते हैं और तब ही खोलते हैं, जब विनाश का समय होता है

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