क्यों और कैसे प्राप्त हुई शिव जी को तीसरी आंख?

अमर उजाला

Wed, 12 July 2023

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एक बार हिमालय पर्वत पर भगवान शिव सभा कर रहे थे, इस सभा में सभी देवता, ऋषि-मुनि और ज्ञानी लोग शामिल थे
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तभी सभा में माता पार्वती आईं और उन्होंने शिवजी के साथ मनोरंजन करने के लिए उनकी दोनों आंखें अपने हाथों से बंद कर दी
 

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जैसे ही पार्वती ने शिवजी की आंखें ढकी पूरी सृष्टि में अंधेरा छा गया, धरती पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं में खलबली मच गई
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संसार की ये दशा शिव जी नहीं देख पाए और उन्होंने अपने माथे पर एक ज्योतिपुंज प्रकट किया जो उनकी तीसरी आंख बनी और तुरंत पूरी सृष्टि में रोशनी हो गई

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बाद में जब माता पार्वती ने इस तीसरी आंख के बारे में पूछा तो शिव ने बताया कि अगर वो ऐसा नहीं करते तो पूरी सृष्टि का विनाश हो जाता, क्योंकि उनकी आंखें जगत की पालनहार हैं

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इसी घटना के बाद से शिवजी को तीसरी आंख मिली, जिसे वे हमेशा बंद करके रखते हैं, क्योंकि जब शिवजी की तीसरी आंख खुलती है तो फिर विनाश होने से कोई नहीं रोक सकता है

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