अमर उजाला
Wed, 19 July 2023
पौराणिक कथा के अनुसार, देवताओं और असुरों द्वारा सावन महीने में ही समुद्र मंथन किया गया था
समुद्र मंथन के दौरान 14 बहुमूल्य रत्नों के साथ ही हलाहल विष भी निकला था
लेकिन सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने स्वयं हलाहल विष पी लिया और इस कारण उनका कंठ नीला पड़ गया और शरीर में जलन बढ़ने लगी
विष के प्रभाव और शरीर में जलन को कम करने के लिए तब सभी देवताओं ने शिव जी पर शीतल जल डाला
शिवलिंग पर ये चीजें चढ़ाने से दूर होती हैं सारी समस्याएं