जानें रोजा रखने के नियम और महत्व इस्लाम धर्म में 7 साल की उम्र के बाद से रोजे रखे जा सकते हैं रोजा रखने से अल्लाह खुश होते हैं और दुआएं कुबूल करते हैं रमजान के मुबारक महीने में की गई इबादत का फल 70 गुना अधिक प्राप्त होता है रमजान में रोजा रखने के बाद व्यक्ति को गलत कामों से बचना चाहिए रोजे में व्यक्ति को न तो गलत बोलना चाहिए और न ही सुनना चाहिए रमजान के महीने में ही पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब को अल्लाह ने कुरान शरीफ दी थी रमजान