अमर उजाला
Thu, 30 March 2023
त्रेतायुग में चैत्र शुक्ल नवमी को माता कौशल्या की कोख से नील वर्ण, तेजस्वी और अति सुंदर बालक ने जन्म लिया
रघुवंशियों के गुरु महर्षि वशिष्ठ ने इस सुंदर बालक का नाम रामचंद्र रखा
वशिष्ठ के अनुसार राम शब्द दो बीजाक्षरों अग्नि बीज और अमृत बीज से मिलकर बना है
इसके उच्चारण से शरीर और आत्मा को शक्ति मिलती है
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