अमर उजाला
Wed, 21 August 2024
इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 17 सितम्बर से होगी, 2 अक्टूबर 2024 को सर्व पितृ अमावस्या के दिन यह समाप्त होगा
सनातन धर्म में पितृ पक्ष का काफी महत्व माना गया है, धार्मिक मान्यता यह है कि पितृ पक्ष में पूर्वजों का तर्पण करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है
इस दौरान श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती हैं और उनका आशीर्वाद परिवार को प्राप्त होता है
मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में तर्पण और श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं, ऐसा पितरों के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए किया जाता है
पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किए जाते हैं
मान्यताओं के मुताबिक, पितृ पक्ष में श्राद्ध या पितरों को तर्पण विधि विधान से देने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृदोष समाप्त हो जाता है
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