अमर उजाला
Tue, 28 June 2022
भगवान शिव को हमेशा उल्टा बेलपत्र यानी चिकनी सतह वाला भाग स्पर्श कराते हुए ही बेलपत्र चढ़ाएं
बेलपत्र को हमेशा अनामिका, अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं
शिव जी को बिल्वपत्र अर्पण करने के साथ-साथ जल की धारा जरूर चढ़ाएं
बेलपत्र की तीन पत्तियां ही भगवान शिव को चढ़ती है, कटी-फटी पत्ती न चढ़ाएं
बेलपत्र कभी अशुद्ध नहीं होता, पहले से चढ़ाया हुआ बेलपत्र धोकर चढ़ाया जा सकता है
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