अमर उजाला
Sun, 22 October 2023
हवन करने के लिए सबसे पहले हवन कुंड को गंगाजल से शुद्ध कर लें फिर हवन कुंड के चारों तरफ कलावा बांध दें।
इसके बाद उस पर स्वास्तिक बनाकर पूजा करें, फिर बाद हवन कुंड पर अक्षत, फूल और चंदन आदि अर्पित करें।
फिर इसके बीच में पान का पत्ता रखकर उस पर कपूर, लौंग, इलायची, बताशा आदि रखें। इसके बाद हवन कुंड में आम की लकड़ियां रखकर अग्नि प्रज्वलित करें।
इसके बाद उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। फिर कन्याओं को दक्षिणा या उपहार देकर श्रद्धापूर्वक विदा करें।
अष्टमी या नवमी पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन?