अमर उजाला
Sun, 4 February 2024
ज्योतिष के अनुसार हर महीने में पांच ऐसे दिन होते हैं जिस दौरान शुभ काम करना वर्जित माना गया है, ये पंचक कहे जाते हैं
शास्त्रों के अनुसार मृत्यु पंचक बहुत खतरनाक माने जाते हैं
पंचांग के अनुसार 10 फरवरी 2024, शनिवार को सुबह 10 बजकर 02 मिनट पर पंचक शुरू होंगे
14 फरवरी 2024, बुधवार को सुबह 10 बजकर 43 मिनट पर पंचक समाप्त होंगे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा की धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा,उत्तराभाद्रपद,रेवती और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में भ्रमण की अवधि को पंचक कहा जाता है
ये अवधि पांच दिन की होती है, चंद्रमा कुंभ या मीन राशि में गोचर करता है तो पंचक आरंभ होता है
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि मृत्यु पंचक के दौरान छत डलवाना, चारपाई बनवाना या दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित है
शास्त्रों के अनुसार पंचक में किसी की मृत्यु हो जाए तो शव के साथ आटे या कुश के पांच पुतले बनाकर विधि विधान से उसका भी अंतिम संस्कार करें
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