अमर उजाला
Fri, 16 January 2026
मौनी अमावस्या सभी अमावस्या तिथियों में विशेष मानी जाती है और यह आत्मशुद्धि व तपस्या का प्रतीक है
इस दिन गंगा स्नान, दान और माघ मेले का तीसरा शाही स्नान किया जाता है
मौनी अमावस्या पर मौन रहकर व्रत और साधना करने का विशेष महत्व बताया गया है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करना अत्यंत शुभ होता है
कहा जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन मनु ने मौन व्रत धारण कर गंगा स्नान किया था
पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी तिथि को मनु का जन्म हुआ था, इसलिए इसे मौनी अमावस्या कहा गया
इस दिन मौन व्रत रखकर स्नान और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है
आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मौन व्रत को फलदायी माना गया है
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