जीवन को राह दिखाते हैं महावीर जी के 5 सिद्धांत दूसरों के प्रति हिंसा का भाव न दिखाना ही अहिंसा है महावीर जी ने कहा है कि जीवन में सत्य को प्रमुखता देनी चाहिए इंसान को कभी चोरी नहीं करनी चाहिए, इस सिद्धांत में महावीर जी ने बताया है कि जो भी चीज आपको मिली है, उसमें संतुष्ट रहना सीखें ब्रह्म में रमते हुए उसमें लगातार स्थित रहना ही ब्रह्मचर्य है, इसके लिए जरूरी है कि अपने शरीर के मोह को कम किया जाए अपरिग्रह का सीधा अर्थ है संचय न करना, इससे आप अपने सामर्थ्य पर विश्वास करने लगते हैं आप आत्म जागरण की ओर अग्रसर होने लगते हैं महावीर जी