अमर उजाला
Thu, 16 February 2023
शिव जी को स्वयंभू माना गया है, यानी कि उनका जन्म नहीं हुआ और वो अनादिकाल से सृष्टि में हैं, लेकिन उनकी उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग कथाएं सुनने को मिलती हैं
पुराणों के अनुसार शिव जी भगवान विष्णु के तेज से उत्पन्न हुए हैं जिस वजह से महादेव हमेशा योगमुद्रा में रहते हैं
वहीं श्रीमद् भागवत के अनुसार एक बार जब भगवान विष्णु और ब्रह्मा अहंकार के वश में आकर अपने आप को श्रेष्ठ बताते हुए लड़ रहे थे तब एक जलते हुए खंभे से भगवान शिव प्रकट हुए
विष्णु पुराण में शिव के वर्णन में लिखा गया है कि एक बच्चे की जरूरत होने के कारण ब्रह्माजी ने तपस्या,जिसकी वजह से अचानक उनकी गोद में रोते हुए बालक शिव प्रकट हुए
ब्रह्मा ने बच्चे से रोने का कारण पूछा तो उसने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि उसका कोई नाम नहीं है इसलिए वह रो रहा है
तब ब्रह्मा ने शिव का नाम ‘रूद्र’ रखा जिसका अर्थ होता है ‘रोने वाला’, लेकिन शिव तब भी चुप नहीं हुए
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