अमर उजाला
Wed, 5 April 2023
बाल्यावस्था में एक बार माता अंजनि बजरंगबली को सुलाकर अन्य कामों में व्यस्त हो गईं कुछ देर बाद जब बाल हनुमान की आंख खुली तब उन्हें भूख की अनुभूति हुई
सूर्य को ग्रसने के लिए राहु भी समीप आ रहा था, राहु को मुंह खोले सूर्य की और बढ़ते देखकर बाल हनुमान ने सोचा कि ये मेरा फल छीनना चाहता है इसलिए उन्होंने राहु को वहां से भगा दिया
भयभीत राहु इंद्र के दरबार में पहुंचे और उनसे विनती की कि हे प्रभु, संसार के नियम के अनुसार मैं ग्रहण काल में सूर्य को ग्रसित करने जा रहा था पर मेरा मार्ग एक शक्तिशाली वानर बालक ने रोक दिया कृपया आप उसे दंड दें
वज्र के प्रहार से बाल हनुमान मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई, जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए, उन्होंने अपनी शक्ति से पुरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया
जिससे संसार में जीवन के अंत का खतरा उत्पन्न हो गया, तब सभी देवी देवता पवनदेव को मनाने पहुंचे, उन्होंने पवनदेव की प्रसन्नता के लिए बाल हनुमान को पहले जैसा कर दिया और साथ ही बहुत सारे वरदान भी दिए
जिससे बालक हनुमान और भी ज्यादा शक्तिशाली हो गए, पर इन सबमें वज्र के चोट से उनकी ठुड्ढी टेढ़ी हो गई जिसके कारण उनका एक नाम हनुमान पड़ा
बाल ब्रह्मचारी हनुमान को क्यों करना पड़ा विवाह