अमर उजाला
Mon, 3 April 2023
बाल्यावस्था में जब हनुमान जी सूरज को फल समझकर खाने के लिए दौड़े तभी इंद्र देव ने हनुमान के मुख पर प्रहार कर दिया था जिसके कारण हनुमान जी का जबड़ा टूट गया
ऐसे में इंद्र द्वारा हनुमान जी पर प्रहार करने के कारण वायुदेव को गुस्सा आया और उन्होंने समस्त संसार को वायु से मुक्त कर दिया, तब ब्रह्माजी के स्पर्श से हनुमान जी होश में आए
उसके बाद सभी देवताओं ने हनुमान जी को भिन्न-भिन्न शक्तियां प्रदान कीं, जिसके फलस्वरूप हनुमान जी सर्वशक्तिमान बन गये
सूर्यदेव ने हनुमान जी को अपने तेज का सौवां भाग तथा नौ विधाओं का ज्ञान दिया था वहीं कुबेर जी ने हनुमान जी को गदा भेंट की
ब्रह्मा जी ने हनुमान जी को इच्छानुसार शरीर का आकार तथा गति बदलने का वरदान दिया था
इस प्रकार समस्त देवतागणों से मिले वरदान, आशीर्वाद और शक्तियों के कारण हनुमान जी अपार शक्तियों के स्वामी बने
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