अमर उजाला
Fri, 19 August 2022
जन्माष्टमी पर कई लोग निराहार व्रत रखते हैं
जन्माष्टमी व्रत का पारण 19 को अगस्त रात में 10 बजकर 59 मिनट के बाद से किया जा सकता है
जन्माष्टमी व्रत का पारण रात में 12 बजे लड्डू गोपाल के जन्म के बाद किया जाता है
व्रत का पारण कान्हा को भोग में अर्पित की पंजीरी और माखन से करें
वहीं कुछ लोग रात में व्रत का पारण न करके अगले दिन सुबह करते हैं
व्यक्ति के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता