गणेशजी को तुलसी दल छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढ़ाए जा सकते हैं। गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।
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शिव जी
भगवान शिव को धतूरे के फूल, हरसिंगार, नागकेसर के सफेद पुष्प, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है।
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भगवान विष्णु
विष्णु भगवान तुलसी दल चढ़ाने से अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा भगवान विष्णु को कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के फूल अति प्रिय हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण
कान्हा जी को तुलसी का भोग बहुत ही प्रिय होता है। इसके अलावा भगवान कृष्ण को कुमुद, करवरी, चणक, मालत, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।
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मां दुर्गा
मां दुर्गा को लाल रंग के पुष्य विशेष प्रिय होते हैं। खासतौर पर गुड़हल और गुलाब के फूल। इसके अलावा बेला, सफेद कमल, पलाश, गुलाब, चंपा के फूल चढ़ाने से भी देवी प्रसन्न होती हैं।
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लक्ष्मीजी
मां लक्ष्मी का सबसे अधिक प्रिय पुष्प लाल और श्वेत कमल है। उन्हें पीला फूल और लाल गुलाब चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है।
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हनुमान जी
राम भक्त हनुमान को लाल रंग बहुत ही प्रिय होता है। इसलिए इन पर लाल गुलाब, लाल गेंदा, गुड़हल व अनार आदि पुष्प चढ़ाए जाते हैं।
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शनि देव
शनिदेव का प्रिय रंग नीला होता है। ऐसे में शनि देव को प्रसन्न करने के लिए नीले लाजवन्ती के फूल चढ़ाने चाहिए।
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सूर्यदेव
भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से जल और लाल रंग के फूल चढ़ाने की परंपरा होती है।