अमर उजाला
Tue, 28 June 2022
कांवड़ यात्रा में गंगाजल लाने और उससे शिवलिंग का अभिषेक करवाने तक का पूरा सफर पैदल और नंगे पांव होता है
स्नान करने के बाद ही कांवड़िए अपने कांवड़ को छू सकते हैं
चमड़े की किसी वस्तु का स्पर्श, वाहन का प्रयोग, चारपाई का उपयोग, ये सब कांवड़ियों के लिए वर्जित कार्य है
किसी वृक्ष या पौधे के नीचे भी कांवड़ को रखना वर्जित है
कांवड़ को अपने सिर के ऊपर से लेकर जाना भी वर्जित माना गया है
सावन के महीने में बेलपत्र चढ़ाने के नियम