अमर उजाला
Thu, 28 November 2024
हिन्दू धर्म में विवाह को केवल दो लोगों का बंधन नहीं माना जाता और ना ही यह सिर्फ वंश बढ़ाने का जरिया है
शादी को सात जन्मों का पवित्र बंधन माना गया है इसलिए इसमें कई सारे रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है
परंपरागत प्राचीन काल से ही शादियां रात में ही होती आई हैं ज्योतिष शास्त्र में इसका एक बड़ा कारण बताया गया है
दरअसल ध्रुव तारा इसका एक बड़ा कारण है ध्रुव तारा स्थिरता का प्रतीक माना जाता है और फेरों के बाद इसे देखा जाता है जो रात में ही नजर आता है
ध्रुव तारा को शुक्र तारा भी कहा जाता है और शुक्र ग्रह को प्रेम के साथ-साथ भौतिक सुख सुविधाओं का ग्रह माना जाता है
ऐसे में अगर आप ध्रुव तारे को देखकर विवाह करते हैं तो आपका दांपत्य जीवन सुखमय हो जाता है
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