हनुमान जन्मोत्सव पर जानें हनुमानजी की नव निधियों के बारे में पद्मनिधि लक्षणो से संपन्न मनुष्य सात्विक होता है तथा स्वर्ण चांदी आदि का संग्रह करके दान करता है महाप निधि से लक्षित व्यक्ति अपने संग्रहित धन आदि का दान धार्मिक जनों में करता है निल निधि से सुशोभित मनुष्य सात्विक तेज से संयुक्त होता है, उसकी संपति तीन पीढ़ी तक रहती है मुकुन्द निधि से लक्षित मनुष्य रजोगुण संपन्न होता है वह राज्य संग्रह में लगा रहता है नन्दनिधि युक्त व्यक्ति राजस और तामस गुणों वाला होता है वही कुल का आधार होता है मकर निधि संपन्न पुरुष अस्त्रों का संग्रह करने वाला होता है कच्छप निधि लक्षित व्यक्ति तामस गुण वाला होता है वह अपनी संपत्ति का स्वयं उपभोग करता है शंख निधि एक पीढ़ी के लिए होती है खर्व निधिवाले व्यक्ति के स्वभाव में मिश्रित फल दिखाई देते हैं हनुमान जन्मोत्सव