गीता जयंती के अवसर पर पढ़ें गीता के ये उपदेश कभी भी व्यक्ति को व्यर्थ की चिंता नहीं करनी चाहिए, आत्मा न तो पैदा होती है और न ही मरती है, इसलिए व्यर्थ की चिंता छोड़ कर्म करें क्रोध करने से व्यक्ति अच्छे और बुरे परिणाम में फर्क करना भूल जाता है जिस कारण से वह नैतिक पतन के राह पर चल देता है अगर व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण रखना सीख ले तो वह हर तरह की बाधा को आसानी से पार कर सकता है मनुष्य को ज्ञान और कर्म को एक समान रखना चाहिए, कर्म करते हुए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए Dharm