अमर उजाला
Sun, 10 September 2023
सभी देवता खुद सर्वश्रेष्ट बताने लगे, नारदजी ने जब देखा कि विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा, तो उन्होंने इस समस्या का हल निकालने के लिए भगवान शिव की शरण में जाने की सलाह दी
सभी देवता भगवान शिव के पास पहुंचे तो उन्होंने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक योजना सोची
उन्होंने सभी देवताओं से कहा कि जो भी अपने वाहन पर बैठकर पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगाकर सबसे पहले उनके पास पहुंचेगा, धरती पर उसकी ही सर्व प्रथम पूजा की जाएगी
इतना सुनते ही सभी देवता अपने वाहन पर बैठकर ब्रह्मांड का चक्कर लगाने निकल पड़े, इस रेस में भगवान गणेश भी शामिल थे
सभी देवता ब्रह्मांड के चक्कर लगाकर भगवान शिव के पास पहुंचे तो गणेशजी को वहां खड़ा पाया, इसके बाद शिवजी ने गणेशजी को प्रथम पूज्य देव घोषित कर दिया
पहली बार रख रही हैं हरतालिका तीज व्रत, तो जान लें जरूरी नयम