अमर उजाला
Fri, 27 October 2023
जिन महिलाओं की कोई संतान नहीं है, वे शरद पूर्णिमा की रात शिवालय जाकर अखंड ज्योति जलाएं।
वहीं जिन महिलाओं की संतान है, वह बच्चे के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए इस दिन व्रत रखें।
इससे आपकी संतान के जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो सकती हैं और कुडंली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत हो सकती है।
शरद पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें और अपने घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
इस दिन चंद्रोदय के बाद ही माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। वहीं पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को सफेद चीजों का भोग लगाएं।
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