रात के 12 बजे मनाते हैं जन्मदिन तो हो जाएं सावधान रात के 12 बजे जन्मदिन मानना और केक काटना लेटेस्ट फैशन बन गया है, जबकि ये बिल्कुल गलत है शास्त्रों के अनुसार, रात 12 बजे को निशीथ काल कहा जाता है इस वक्त भूत-प्रेतों के लिए समय होता है और इस वक्त ऐसी ही शक्तियां सक्रिय रहती हैं पिशाच काल में कोई भी शुभ कार्य करने से वो फल नहीं मिलते हैं पिशाच काल में कुछ भी शुभ कार्य करने से परेशानियां आनी शुरू हो जाती है हिन्दी कैलेंडर में सूर्योदय का महत्व है, ऐसे में रात्रि में केक नहीं काटना चाहिए, सूर्योदय के बाद ही अपना जन्मदिन मनाएं इसके अलावा अपने जन्मदिन पर केक काटते समय कभी भी मोमबत्ती जला कर बुझाना नहीं चाहिए यही वजह है कि 12 बजे केक काटना, मदिरा पीना, नशा करना आदि सब से भाग्य और आयु दोनों कम होती है जन्मदिन