अमर उजाला
Wed, 6 November 2024
छठ पर्व में पहले डूबते और बाद में दूसरे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का यही संदेश है कि जो डूबा है उसका उदय होना भी निश्चित है
इसलिए विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय धैर्यपूर्वक अपना कर्म करते हुए अपने अच्छे दिनों के आने का इंतजार करें
सूर्य शास्त्रों के अनुसार छठ पूजा वाले दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है
इस दौरान सूर्य देव अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं, प्रत्यूषा को अर्घ्य देने से सौभाग्य में वृद्धि होती है
अंतिम दिन सूर्य को वरुण वेला यानि सुबह के समय अर्घ्य दिया जाता है, ये सूर्य की पत्नी उषा को अर्घ्य दिया जाता है
छठ पूजा में संतान के लिए व्रत किया जाता है, इसमें सूर्य को अर्घ्य देने पर बच्चों को जीवन सूर्य के समान चमकता है
क्या छठ पूजा के दौरान कटवा सकते हैं बाल और दाढ़ी