सांप के समान होता है ऐसा व्यक्ति सांप के दंश में विष होता है. कीड़े के मुंह में विष होता है. बिच्छू के डंक में विष होता है, लेकिन दुष्ट व्यक्ति तो पूर्ण रूप से विष से भरा होता है. जो स्त्री अपने पति की सहमति के बिना व्रत रखती है और उपवास करती है, वह अपनी आयु घटाती है और नर्क में जाती है. स्त्री दान देकर, उपवास रखकर और पवित्र जल का पान करके पावन नहीं हो सकती... वह पति के चरणों को धोने से और ऐसे जल का पान करने से शुद्ध होती है. टुंडी फल खाने से आदमी की समझ खो जाती है. वच मूल खिलाने से लौट आती है. औरत के कारण आदमी की शक्ति खो जाती है, दूध से वापस आती है. अगर आप चाणक्य नीति सुनना चाहते है,तो 'चाणक्य नीति' पर क्लिक करें चाणक्य नीति