इन दोनों के बीच से कभी न गुजरें

अमर उजाला

Sat, 16 April 2022

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तात, यदि तुम जन्म मरण के चक्र से मुक्त होना चाहते हो तो जिन विषयों के पीछे तुम इन्द्रियों की संतुष्टि के लिए भागते फिरते हो उन्हें ऐसे त्याग दो जैसे तुम विष को त्याग देते हो. इन सबको छोड़कर हे तात तितिक्षा, ईमानदारी का आचरण, दया, शुचिता और सत्य इसका अमृत पियो.

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हे विद्वान् पुरुष ! अपनी संपत्ति केवल पात्र को ही दें और दूसरो को कभी ना दें. जो जल बादल को समुद्र देता है वह बड़ा मीठा होता है. बादल वर्षा करके वह जल पृथ्वी के सभी चल-अचल जीवों को देता है और फिर उसे समुद्र को लौटा देता है.

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इन दोनों के मध्य से कभी ना जाए..
1. दो ब्राह्मण.
2. ब्राह्मण और उसके यज्ञ में जलने वाली अग्नि.
3. पति पत्नी.
4. स्वामी और उसका चाकर.
5. हल और बैल.

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श्रवण करने से धर्म का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति मिलती है.

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ब्राह्मणों को अग्नि की पूजा करनी चाहिए . दूसरे लोगों को ब्राह्मण की पूजा करनी चाहिए . पत्नी को पति की पूजा करनी चाहिए तथा दोपहर के भोजन के लिए जो अतिथि आए उसकी सभी को पूजा करनी चाहिए .

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मूढ़ लोग बुद्धिमानों से ईर्ष्या करते हैं. गलत मार्ग पर चलने वाली औरत पवित्र स्त्री से ईर्ष्या करती है. बदसूरत औरत खूबसूरत औरत से ईर्ष्या करती है.

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