जो उद्यमशील हैं, वे गरीब नहीं हो सकते जो हरदम भगवान को याद करते हैं उन्हें पाप नहीं छू सकता. जो मौन रहते हैं वो झगड़ों में नहीं पड़ते जो जागृत रहते हैं वो निर्भय होते हैं. वेश्या को निर्धन व्यक्ति को त्याग देना चाहिए प्रजा को पराजित राजा को त्याग देना चाहिए पक्षियों को फलरहित वृक्ष त्याग देना चाहिए अतिथियों को भोजन करने के पश्चात मेजबान के घर से निकल जाना चाहिए अगर आप चाणक्य नीति सुनना चाहते है,तो 'चाणक्य नीति' पर क्लिक करें enter