व्यक्ति के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता आपके सौभाग्य को दुर्भाग्य में बदलने की स्थिति तब भी आ सकती है, जब आपको किसी वजह से किसी और के घर में रहना पड़ता है. जीवन में आने वाली ये परिस्थिति व्यक्ति का आत्म-सम्मान खत्म करने का काम करती है. कभी आपकी जीवन भर की जमा पूंजी अगर कोई आपसे छीन ले, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई नहीं हो सकता. आपकी गाढ़ी कमाई हाथ से चले जाना आपके सौभाग्य को एक पल में दुर्भाग्य में बदल सकता है. वृद्धावस्था में जीवनसाथी का साथ छूट जाना सुखमय जीवन को भी दुखों से भर देता है. उम्र के आखिरी पड़ाव में अगर पति या पत्नी में से कोई एक जब इस दुनिया से चला जाता है, तो बाक़ी का जीवन काफी मुश्किल भरा हो जाता है व्यक्ति के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता