बुद्धिमान व्यक्ति को ये बातें किसी को नहीं बतानी चाहिए
अमर उजाला
Thu, 12 May 2022
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बसंत ऋतु क्या करेगी यदि बांस पर पत्ते नहीं आते. सूर्य का क्या दोष यदि उल्लू दिन में देख नहीं सकता. बादलों का क्या दोष यदि बारिश की बूंदें चातक पक्षी की चोंच में नहीं गिरतीं. उसे कोई कैसे बदल सकता है जो किसी के मूल में है.
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एक हाथ की शोभा गहनों से नहीं दान देने से है. चन्दन का लेप लगाने से नहीं जल से नहाने से निर्मलता आती है. एक व्यक्ति भोजन खिलाने से नहीं सम्मान देने से संतुष्ट होता है. मुक्ति खुद को सजाने से नहीं होती, अध्यात्मिक ज्ञान को जगाने से होती है.
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यदि हम बड़ी संख्या में एकत्र हो जाएं तो दुश्मन को हरा सकते हैं. उसी प्रकार जैसे घास के तिनके एक दूसरे के साथ रहने के कारण भारी बारिश में भी क्षय नहीं होते.
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समुद्र ही सभी रत्नों का भण्डार है. वह शंख का पिता है. देवी लक्ष्मी शंख की बहन हैं. लेकिन दर-दर पर भीख मांगने वाले हाथ में शंख ले कर घूमते हैं. इससे यह बात सिद्ध होती है कि उसी को मिलेगा जिसने पहले दिया है.