गरीबी और कुरूपता को ऐसे दें मात

अमर उजाला

Fri, 29 April 2022

Image Credit : istock

यदि आप दिव्यता चाहते हैं तो आपके वाचा, मन और इन्द्रियों में शुद्धता होनी चाहिए. उसी प्रकार आपके ह्रदय में करुणा होनी चाहिए.

Image Credit : istock

जिस प्रकार एक फूल में खुशबू है. तिल में तेल है. लकड़ी में अग्नि है. दूध में घी है. गन्ने में गुड़ है. उसी प्रकार यदि आप ठीक से देखते हो तो हर व्यक्ति में परमात्मा है.

Image Credit : istock

उस यज्ञ के समान कोई शत्रु नहीं जिसके उपरांत लोगों को बड़े पैमाने पर भोजन ना कराया जाए. ऐसा यज्ञ राज्यों को ख़त्म कर देता है. 

Image Credit : istock

यदि पुरोहित यज्ञ में ठीक से उच्चारण ना करे तो यज्ञ उसे ख़त्म कर देता है और यदि यजमान लोगों को दान एवं भेटवस्तु ना दे तो वह भी यज्ञ द्वारा ख़त्म हो जाता है.

Image Credit : istock

गरीबी पर धैर्य से मात करें. पुराने वस्त्रों को स्वच्छ रखें. बासी अन्न को गर्म करें. अपनी कुरूपता पर अपने अच्छे व्यवहार से मात करें.

Image Credit : istock

एक विद्यार्थी पूर्ण रूप से निम्नलिखित बातों का त्याग करे-काम, क्रोध, लोभ, स्वादिष्ट भोजन की अपेक्षा, शरीर का शृंगार, अत्याधिक जिज्ञासा, अधिक निद्रा, शरीर निर्वाह के लिए अत्याधिक प्रयास.

Image Credit : istock

इन बातों का हमें घमंड नहीं करना चाहिए

istock
Read Now